Joshimath News: जोशीमठ को लेकर 7000 साल पुराना रहस्य आया सामने
Joshimath News: जोशीमठ में हुए भूस्खलन को लेकर वैज्ञानिकों द्वारा लगातार अध्ययन किया जा रहा है। हालांकि, हैरानी वाली बात है कि जोशीमठ में दो-तीन साल पूर्व नहीं बल्कि दो से तीन दशकों से भूस्खलन की संभावना जताई जा रही थी। और वर्ष 2022 के दौरान जोशीमठ में भूस्खलन हो गया। भूविज्ञान संस्थान और अन्य संस्थाओं के वैज्ञानिकों ने प्रभावित क्षेत्र में अध्ययन किया। जिसमें कई अहम जानकारियां निकल कर आई है।
मलबे के ऊपर बसा जोशीमठ (Joshimath News)
घटनास्थल पर किए गए अध्ययन से यह जानकारी सामने आई है की भूस्खलन कुछ सेंटीमीटर से लेकर 14.5 मीटर तक है। इसके अलावा जोशीमठ शहर पुराने बुद्ध साहब के मलबे के ऊपर बसा हुआ है जिसके कारण जमीन लगातार दस रही है। वहीं अन्य का कहना है की जोशीमठ क्षेत्र भुज साहब के मध्य पर नहीं बल्कि ग्लेशियर के छोटे मलबे के ढेर पर बसा हुआ है।
यह भी पढ़ें: Gau Mata: 700 जिलों में कुछ बड़ा होने वाला है….गौ माता को लेकर गुप्त तैयारी
जोशीमठ के बेसन का रहस्य
वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों (joshimath news today) का कहना है कि जोशीमठ पर फिलहाल स्टडी जारी है। कार्बन डेटिंग के जरिए पता चला है कि गोरसों और औली क्षेत्र में ग्लेशियर के एडवांस मेल्ट और मोरनी डेट मिला है। पता चला है कि ग्लेशियर के पीछे खींचने के बाद जो मालवा छूट गया वह करीब 7000 साल पुराना है। जिससे साफ होता है कि जो सीमेंट का क्षेत्र 7000 पहले ग्लेशियर से ढका हुआ था।
यह भी पढ़ें: Lohaghat News: पिंजरे में घुसकर गुलदार खा गया शिकार! सभी को दिया चकमा
ग्लेशियर के मलबे का असर (Joshimath Latest News)
वर्तमान समय में जोशीमठ की सतह पर बड़े-बड़े बॉर्डर नजर आ रहे हैं। जो भूस्खलन से नहीं होते। बल्कि, ग्लेशियर अपने साथ लेकर आता है। इसके अलावा विष्णु प्रयाग के पास कुछ लाख सेडिमेंट्स भी देखे गए हैं। जिससे अनुमान लगाया जा सकता है कि जब 7000 साल पहले इस क्षेत्र में ग्लेशियर एवलांच हुआ था उसे दौरान यहां पर मौजूद रिवर को ब्लॉक किया गया होगा। जिससे लेख बन गई होगी। जब वैज्ञानिकों ने लेख का सैंपल लेकर कार्बन डेटिंग की तो उसकी उम्र 4 से 5000 साल निकल कर सामने आई है।

