Rishikesh: हाथी का रेस्क्यू नहीं किया! अपनी सीमा में आने से रोकते रहे वनकर्मी
Rishikesh: राजाजी टाइगर रिजर्व से एक शर्मनाक खबर सामने आई है। कुछ ऐसी घटना हुई जिसके बाद मानवता पतन के शीर्ष स्तर पर हो। राजाजी टाइगर रिजर्व में जंगली जानवरों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले कर्मियों की संवेदनहीनता हैरान करने वाली है। बीते दिन सोमवार को ऐसी घटना हुई जिसके बाद सब हैरान है। गंगा नदी के तट पर गंभीर रूप से घायल हाथी पूरे दिन दर्द से चिल्लाता रहा। लेकिन, जिम्मा संभालने वाले कर्मियों ने दया नहीं दिखाई।
क्या है पूरा मामला? (Rishikesh News)
दरअसल, सुबह तड़के ग्रामीणों ने गौहरीमाफी क्षेत्र में बिरला मंदिर के पास नदी किनारे हाथी को दिखा। उसके एक पैर में गहरी चोट लगी थी जिसकी वजह से वह पैर घसीटते हुए मुश्किल से चल रहा था। चलने के दौरान उसका संतुलन बिगड़ा और वह कई बार गिरने से बचा। ग्रामीणों ने उसकी हालत देखकर चिंता व्यक्त की और वन विभाग को तत्काल सूचना दी। इस दौरान अन्य ग्रामीणों ने हाथी का वीडियो बनाया।
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रेस्क्यू कि नहीं हुई कोई पहल
शर्म की बात यह है कि जब पता चला कि दोनों ओर तैनात वनकर्मी हाथी की मदद करने की जगह उसे अपनी-अपनी सीमा में आने से रोकते रहे। जैसे ही हाथी किसी एक ओर जाता उसे खदेड़ दिया जाता। इस खींचतान के कारण पूरा दिन निकल गया और दर्द से परेशान हाथी नदी तट पर ही खड़ा रहा।
स्थानीय लोगों ने दी जानकारी (Rishikesh News Today)
स्थानीय लोगों ने बताया कि हाथी कई बार चिंघाड़ा गुस्सा हुआ और अपनी पीड़ा जताता हुआ दिखाई दिया। जैसे वह मदद के लिए आवाज लगा रहा हो। लेकिन, किसी भी स्तर पर उसके उपचार या रेस्क्यू की पहल नहीं हुई। गंभीर बात है कि इतने बड़े मामले की सूचना उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की भी जरूरत वनकर्मियों ने नहीं समझी।
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राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक ने दी जानकारी
इस पूरे मामले को लेकर राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक कोक रोशे ने बताया कि हाथी की एक हफ्ते से मॉनिटरिंग की जा रही है। जिससे कि यह आबादी क्षेत्र में प्रवेश न करें। हाथी के उपचार के भी प्रयास किया जा रहे हैं। इस तरह के हाथी राजाजी पार्क क्षेत्र में अक्सर मिल जाते हैं।

