Dehradun Congress Rally: कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ निकाली विशाल रैली
Dehradun Congress Rally: आज उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कांग्रेस की प्रस्ताव रैली में भारी संख्या में भीड़ दिखी। लोकभवन घेराव कूच से पहले प्रदेश प्रभारी शैलजा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता एक साथ मंच पर आए। यह जानकारी मिली है कि राज्यपाल आवास कूच के लिए कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रचार प्रसार की सामग्री लगाई गई थी। लेकिन, आज सुबह ही उन्हें हटा दिया गया।
आवाज दबाना चाहती है सरकार (Dehradun Congress Rally)
उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं ने प्रचार प्रसार की सामग्री हटाने का आप सरकार पर लगाया। साथ ही अभी कहा कि सरकार हमारी आवाज दबाना चाहती है। आज प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के मुद्दों को लेकर लोग भवन का घेराव करने पहुंचे। जिसमें पूरे देश के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
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किस विषय को लेकर हुआ घेराव?
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं (dehradun news) के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जनता के मुद्दों जैसे की- प्रदेश में महिला अपराध, महंगाई, भ्रष्टाचार, जंगली जानवरों के हमले, बेरोजगारी, आपदा प्रभावितों को राहत और मुआवजा, बादल स्वास्थ्य सेवाएं, किसानों को फसल का नुकसान होने पर मुआवजा न मिलने समेत कई अन्य मुद्दों पर लोगभवन का घेराव किया।
कांग्रेस ने निकाली विशाल रैली (Dehradun Congress Rally News)
पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता परेड ग्राउंड में इकट्ठा हुए थे। जहां से सभी लोग भवन घेराव के लिए कुछ करने निकले। कांग्रेस के इस महा रैली में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ हरक रावत समेत पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण महारा और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने भारतीय जनता पार्टी सरकार के खिलाफ आवाज उठाई।
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क्यों निकाली जाती है विशाल रैली?
इस प्रकार से विशाल रैली निकालने (congress rally dehradun news) का मुख्य उद्देश्य जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाना और सरकार पर दबाव बनाना होता है। जब बड़ी संख्या में लोग किसी समस्याएं जैसे कि बढ़ते अपराध या बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ सड़कों पर उतरते हैं तो वह एक राजनीतिक संदेश देता है कि जनता संतुष्ट है। इससे मीडिया का ध्यान आकर्षित होता है और विषय व्यापक चर्चा में आता है। इससे विपक्ष अपनी संगठन शक्ति भी दिखता है और समर्थकों को भी इकट्ठा करता है। हालांकि केवल रैली निकालने से तत्काल समाधान नहीं होता। यह केवल जनमत करने और सरकार को जवाब दे बनाने गए प्रभावी लोकतांत्रिक माध्यम है।

