देहरादूनहेल्थ

Dehradun DM: अचानक से कोरोनेशन अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी सविन बंसल

Dehradun DM: देहरादून जिलाधिकारी सविन बंसल ने बीते दिन सोमवार को जिला चिकित्सालय कोरोनेशन का अचानक से निरीक्षण किया। इस दौरान वह अस्पताल के हर वार्ड और अनुभाग का बारीकी से जायजा लेने पहुंचे। साथ ही उन्होंने मरीजों और तीमारदारों से भी बातचीत की।

बच्चे के हाथ में मोबाइल देखकर दी सलाह (Dehradun DM)

जब डीएम सविन बंसल बाल चिकित्सा वार्ड में पहुंचे तो उन्होंने बच्चों के हाथ में मोबाइल देखा। इसके बाद उन्होंने अभिभावकों से ऐसा न करने का आग्रह किया। साथ ही डीएम ने अस्पताल में निर्माणाधीन ब्लड बैंक के कामों का भी निरीक्षण किया।

यह भी पढ़ें: Haridwar Fire: विष्णु घाट के पास देर रात तीन दुकानों में लगी भीषण आग

15 दिन के भीतर काम हो पूरा

जिलाधिकारी ने कोरोनेशन अस्पताल को 15 दिन के अंदर काम पूरा करने को कहा है। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारियों को सेंट्रल पैथोलॉजी का समय 11:00 से लेकर 1 घंटे बढ़कर 12:00 बजे करने को कहा है। इसके अलावा उन्होंने पीपीपी मोड पर संचालित चंदन लैब के निरीक्षण के दौरान 3 महीने के दिन और रात में लिए गए सैंपल की रिपोर्ट भी तलब की है।

लैब का आधा भुगतान रोका (Dehradun DM News)

अनुबंध के अनुसार कार्य (dehradun news) नहीं करने पर आधा भुगतान रोकने को भी कहा गया है। अनुबंध के अनुसार लैब की तरफ से 24 घंटे कार्य नहीं किया जा रहा था। इसके बाद से इस लैब का आधा भुगतान रोक दिया गया है। जिलाधिकारी ने अस्पताल में गायनी डॉक्टर ना होने पर और मरीजों को रेफर करने के मामले में उप जिलाधिकारी सदर और प्रभारी अधिकारी स्वास्थ्य व सीएमओ को संबंध में संयुक्त रिपोर्ट देने के लिए कहा है।

कार्य के लिए स्वीकृत किए पैसे

निरीक्षण के अलावा किचन, गायनी ओटी, वेयरहाउस और ओपीडी की मरम्मत के लिए 10 लाख रुपए स्वीकृत भी किए हैं। साथ ही इमरजेंसी और सामान्य बोर्ड का निरीक्षण भी किया है। वहां पर मौजूद मरीज और उनके परिजनों से सीधी बातचीत भी की है। खाने पीने और सफाई संबंधित व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी।

यह भी पढ़ें: Indian Army: जय हिन्द की सेना! भारतीय सेना ने सात आतंकवादी मार गिराए

अस्पताल में पुस्तकें उपलब्ध कराए (Dehradun DM Latest News)

जब जिलाधिकारी सविन बंसल बाल चिकित्सा बोर्ड में गए तो उन्होंने बच्चों के हाथ में मोबाइल देखा। इसके बाद उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि ऐसा ना करें। साथ ही अस्पताल प्रबंधन से वार्ड में लाइब्रेरी से बच्चों को पुस्तक उपलब्ध कराने के लिए कहा है। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से कहा कि बच्चों को मोबाइल फोन देने की जगह किताब और कलर दे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow us on Social Media