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Ghansali Protest: घनसाली में 11 दिसंबर को 11 आंदोलनकारी करेंगे आत्मदाह

Ghansali Protest: टिहरी के घनसाली इलाके में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के खिलाफ आंदोलन उग्र रूप लेता जा रहा है। घनसाली बस अड्डे और पिलखी अस्पताल परिसर में दो जगह पर चल रहे प्रदर्शन को 40 से ज्यादा दिन हो गए हैं। लेकिन, हालात इतने खराब है कि कोई भी ठोस परिणाम नहीं निकल पाया है।

क्या है ग्रामीणों की मांग? (Ghansali Protest)

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रसव पीड़ा में हुई तीन महिलाओं की मौत के बाद से सरकार द्वारा सीएचसी पिलखी को सीएचसी में अपग्रेड करने की घोषणा होने के बावजूद भी भी आंदोलनकारी अन्य मांगों पर अड़े हैं। उनकी मांग है कि पिलखी अस्पताल को उप जिला चिकित्सालय का दर्जा दिया जाए। यह आंदोलन सर्वदलीय स्वास्थ्य जन संघर्ष समिति के बैनर तले हो रहा है। घनसाली बस अड्डे पर व्यापार मंडल अध्यक्ष कैलाश बडोनी और पूर्व विधायक भीमलाल आर्य के नेतृत्व में 40 दिनों से धरना जारी है।

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आत्मदाह की चेतावनी

आंदोलनकारियों का आरोप है कि सरकार बयानबाजी (tehri news today) में जनता को भ्रमित कर रही है। इतना ही नहीं पीड़ित परिवारों को मुआवजा भी देने में लापरवाही कर रही है। इन सब को देखते हुए पूर्व विधायक भीमलाल आर्य ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही बाघों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो 11 दिसंबर को 11 आंदोलनकारी सामूहिक आत्मदाह जैसा भयानक कदम उठा सकते हैं।

कागज के टुकड़ों तक सीमित सुविधा (Ghansali Protest News)

संघर्ष मोर्चा के संयोजक अजय कंसवाल ने बयान दिया है कि स्थानीय विधायक की ओर से दिए गए सभी आश्वासन केवल कागज के टुकड़े तक सीमित है। धरातल पर कुछ भी होता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है। इस परिस्थिति के विरोध में संघर्ष मोर्चा ने अब ग्रामीण चौपाल आयोजित करने का भी निर्णय लिया है। आज प्रदर्शन के 42वें दिन से जमोलना गांव से इसकी शुरुआत कर दी गई है।

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कई लोगों ने गवाई जान

लचर स्वास्थ्य सुविधाओं के चक्कर में कई लोग अपनी जान गवा (Ghansali Protest Latest News) चुके हैं। आंदोलनकारी ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि अब क्षेत्र में वह हर हालत में लचर स्वास्थ्य सुविधाओं का ठोस समाधान चाहते हैं। आंदोलन धीरे-धीरे बड़ा रूप लेता जा रहा है। हैरानी वाली बात है कि अब तक कोई भी समाधान होता हुआ नहीं दिख रहा है। धीरे-धीरे आम जनता भी आंदोलन में आगे आ रही है।

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