Rishikesh: गंगा किनारे शराब पीना गलत, लेकिन तीर्थ नगरी में ठेके होना सही है?
Rishikesh: उत्तराखंड के ऋषिकेश के तपोवन के पास गंगा घाट पर शराब पीते हुए लोगों को राफ्टिंग गाइड ने रंगे हाथों पकड़ा। इसके बाद उन्हें अच्छे से सबक भी सिखाया गया। कई बार ऐसा हुआ है जब ऋषिकेश के गंगा घाट पर पर्यटकों को मौज-मस्ती और अय्याशी करते हुए पकड़ा गया है। अब स्थानीय लोगों ने भी इसके खिलाफ सजगता से आवाज उठानी शुरू कर दी है। तीर्थ नगरी ऋषिकेश में इस तरह के हालात बेहद निंदनीय है। गंगा किनारे इस तरह के कृत्य होना गंगा की पवित्रता और अस्मिता के लिए सही नहीं है।
तीर्थ नगरी के हालात खराब (Rishikesh)
तीर्थ नगरी ऋषिकेश के हालात बहुत खराब है। जहां पर्यटक तीर्थ नगरी की गरिमा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। गंगा किनारे जहां लोग आस्था की डुबकी लगाते हैं, वही वह बैठकर शराब पी रहे हैं। लेकिन, ध्यान दिया जाए तो तीर्थ नगरी में तो शराब के ठेके भी नहीं होने चाहिए। पर्यटक द्वारा जो कार्य किया जा रहे हैं वह बेहद गलत है। लेकिन, दूसरी और ध्यान दिया जाए तो आखिर तीर्थ नगरी में शराब के ठेके भी क्यों खुले हुए हैं। सोशल मीडिया पर अक्सर लोग यह बात जरूर और बार बार उठाते हैं।
यह भी पढ़ें: Uttarakhand Rajat Jayanti: देहरादून पुलिस लाइन में रैतिक परेड का आयोजन
शराब के ठेके को लेकर चल रहा विरोध
कुछ समय पहले मुनिकीरेती (rishikesh news tday) के पास मौजूद शराब के ठेके के बाहर एक हत्या हुई थी। जिसमें स्थानीय युवक अजेंद्र कंडारी की उसी के दोस्त ने शराब के ठेके के बाहर हत्या कर दी थी। तब से लेकर अब तक स्थानीय लोग ठेके को बंद करने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि तीर्थ नगरी में शराब के ठेके टॉफी की दुकान की तरह खुल रखे हैं। इससे फायदा केवल सरकार को हो रहा है क्योंकि उनके राजस्व बढ़ रहा है। लेकिन, आम जनता के लिए यह ठेके खतरे की घंटी बना रहे हैं। अभी तक भी शराब के ठेके का विरोध प्रदर्शन जारी है।
यह भी पढ़ें: Amit Shah Bihar: घुसपैठियों को बचाने के लिए राहुल गाँधी ने निकाली यात्रा
सबसे ज्यादा दोषी कौन? (Rishikesh News)
सवाल उठता है कि आखिर सबसे ज्यादा दोषी कौन ऋषिकेश में जाकर गंगा किनारे शराब पीने वाले पर्यटक या फिर हमारी सरकार जिन्होंने तीर्थ नगर ऋषिकेश में शराब के ठेके खोले हुए हैं।
