Rishikesh: शिक्षक लगे प्रशासनिक कार्यों में! बच्चे क्लास में बैठे खाली
Rishikesh: डोईवाला से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। विकासखंड डोईवाला में प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था चरमरा रही है। यह भी कह सकते हैं कि गंभीर संकट का सामना कर रही है।
क्या है पूरा मामला? (Rishikesh)
दरअसल, जनपद और ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों को लगातार गैर शैक्षणिक ड्यूटी में लगाया जा रहा है। जिसकी वजह से लगभग 35 से 40 प्राथमिक विद्यालयों में नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
यह भी पढ़ें: Nainital News: बारात देखने खड़े हुए लोग! भरभराकर गिरा छज्जा
कई स्कूलों में शिक्षक नहीं मौजूद
कई स्कूल ऐसे भी है जहां पर शिक्षक न होने से कक्षाएं संचालित भी नहीं हो रही है। ऐसा होने पर बच्चों की शिक्षा पर सीधा असर पड़ रहा है। सोमवार को मामलों को लेकर उत्तरांचल स्टेट प्रायमरी टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी के कार्यालय जाकर ज्ञापन सौंपा है।
क्या है शिक्षकों की मांग? (Rishikesh News)
संघ ने साफ तौर पर कहा है कि शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को पढ़ने दिया जाए। उन्हें प्रशासनिक कार्यों, सर्वे और विभिन्न योजनाओं की ड्यूटी में ना लगाया जाए। इस तरह के काम में लगने के कारण बच्चों की पढ़ाई पर बड़ा असर पड़ रहा है और विद्यालयों का मूल उद्देश्य भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
यह भी पढ़ें: Haridwar DM: धर्मनगरी में कब्जा गैंग का आतंक! डीएम ने दिए कड़े निर्देश
सामने आ रहे नकारात्मक परिणाम
सभी का कहना है कि इसके कारण वार्षिक परीक्षा परिणाम पर असर हो रहा है। इसके अलावा नए छात्रों के प्रवेश और मिड-डे मील योजना के संचालन पर भी प्रभाव हो रहा है। प्राथमिक शिक्षा संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र सागर का कहना है कि प्राथमिक विद्यालयों में पहले से ही शिक्षकों की भारी कमी है। ऐसे में अगर जो शिक्षक मौजूद है उन्हें भी कक्षाओं से हटकर गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाया जाएगा तो स्कूलों पर ताले लगने की नौबत आ जाएगी।
उन्होंने साफ तौर पर प्रशासन से शिक्षकों को तुरंत गैर शैक्षणिक ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की है। खंड विकास अधिकारी ने जानकारी दी कि उन्हें ज्ञापन मिल गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों से वार्ता कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

