Rudraprayag News: बीच रास्ते में एंबुलेंस हुई खराब! अंदर तड़पती रही गर्भवती
Rudraprayag News: बार-बार एंबुलेंस का खराब होना स्वास्थ्य विभाग को सवालों के घेरे में ला रहा है। प्रशासन एंबुलेंस की फिटनेस के नाम पर केवल लीपापोती करता हुआ नजर आ रहा है। अगर किसी परिवार के सदस्य के साथ कुछ अनहोनी हो गई तो क्या उसकी जिम्मेदारी प्रशासन लगा या तब भी लीपापोती करेगा। एक तरफ उत्तराखंड को कल अलग कि राज्य के रूप में स्थापित हुए 25 साल हो जाएंगे। वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसी खबरें सामने आ रही है जो चिंता जनक है।
रुद्रप्रयाग जनपद में स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे चल रही हैं। जहां गर्भवती महिला को ले जा रही एंबुलेंस रास्ते में ही खराब हो गई। जब तक दूसरी एंबुलेंस पहुंचती उससे पहले ही खराब एंबुलेंस में ही महिला का प्रसव हो गया। इस घटना के बाद लोगों में आक्रोश है और सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इन हालातो में उत्तराखंड के 25 साल पूरे होने का जश्न मनाया जाए।
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भगवान भरोसे उत्तराखंड स्वास्थ्य सेवा (Rudraprayag News)
उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवा भगवान के भरोसे चल रही है। रुद्रप्रयाग के ग्राम भटगांव निवासी नेमा देवी पत्नी गुरदेव सिंह को बृहस्पति रात लगभग 2:00 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने बड़ी उम्मीद से 108 एंबुलेंस सेवा को कॉल किया। एंबुलेंस मौके पर पहुंची। लेकिन, नगरासू से लगभग 2 किलोमीटर दूर शिव नंदी के पास अचानक से बंद हो गई। दूसरी एंबुलेंस बुलाने में लगभग 1 घंटे की देरी हो गई। इसी बीच महिला ने खराब एंबुलेंस में सड़क किनारे ही बच्चे को जन्म दे दिया। गनीमत रही की मां और बच्चा दोनों सुरक्षित है जिनका इलाज जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में चल रहा है।
घटना के बाद लोगों में नाराज की
इस शर्मनाक घटना के बाद स्थानीय निवासी और क्षेत्र पंचायत सदस्य सतीश राणा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि जब 108 एंबुलेंस ही बार-बार खराब होगी तो स्वास्थ्य सेवा कैसे सुधरेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगरासू में प्रसूति विशेषज्ञ की मांग लंबे समय से जारी है। लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने क्या कहा? (Rudraprayag Latest News)
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ राम प्रकाश ने जानकारी दी कि जिले के लिए 20 नई एंबुलेंस की मांग शासन से की गई है। फिलहाल जिले में 12 एंबुलेंस है जिनमें से आठ ही संचालित स्थिति में है।
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पहले भी हुई एंबुलेंस खराब
एंबुलेंस खराब होने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले जुलाई महीने में चोपड़ा-गढ़ीधार मोटर मार्ग पर बोलेरो वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। घायलों को लेने जिला मुख्यालय से एंबुलेंस घटनास्थल के लिए रवाना हुई थी। लेकिन, घटनास्थल से करीब 300 मीटर पहले एंबुलेंस खराब हो गई। इसके बाद फिर दूसरी एंबुलेंस बुलानी पड़ी थी। इस तरह से बार-बार एंबुलेंस का खराब होना स्वास्थ्य विभाग को सवालों के घेरे में ला रहा है। प्रशासन एंबुलेंस की फिटनेस के नाम पर केवल लीपापोती करता हुआ नजर आ रहा है। अगर किसी परिवार के सदस्य के साथ कुछ अनहोनी हो गई तो क्या उसकी जिम्मेदारी प्रशासन लेगा या तब भी लीपापोती करेगा।

