Uttarakhand Elections: कांग्रेस के नेताओं में हाइलाइट होने की होड़
Uttarakhand Elections: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 नजदीक है। राज्य की सियासत में जमीनी स्तर पर कांग्रेस का असर बेअसर होता हुआ नजर आ रहा है। पार्टी के दिग्गज नेताओं में हाइलाइट होने के लिए संग्राम चल रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि हर नेता चाहता है कि वह पार्टी का चेहरा बने। राजनीति की समझ रखने वालों के अनुसार कांग्रेस कैडर आधारित पार्टी नहीं रही है। जिस वजह से पार्टी में अनुशासनहीनता भी दिखाई देने लगी है।
लगातार हो रही किरकिरी (Uttarakhand Elections)
उत्तराखंड की बात करें तो 2017 और उसके बाद हुए विधानसभा और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को लगातार हार का सामना करना पड़ा है। फिलहाल कांग्रेस उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 में दोबारा से सत्ता में आने की बात कर रही है। लेकिन पार्टी में चुनाव वर्ष के शुरुआत में ही जिस तरह की अंदरूनी गुटबाजी और क्लेश दिख रहे हैं। उसे लग नहीं रहा है कि 2027 का चुनाव पार्टी जीत पाएगी।
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कांग्रेस में चेहरे की लड़ाई
2027 का चुनाव जिस भी चेहरे पर लड़ा जाएगा उसे हाईकमान तय करेगी। लेकिन, इसके लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच जिस तरह की लड़ाई देखने को मिल रही है वह बेहद गंभीर है। लेकिन, कांग्रेस के अंदर आपसी लड़ाई होना भी कोई नई बात नहीं है।
हरीश रावत का पंचमुखी बयान (Uttarakhand Elections 2027)
पार्टी हाई कमान ने उत्तराखंड में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉक्टर हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य करण मेहरा को बड़ी जिम्मेदारियां दी हैं। इस पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने पांच कसा था। सभी नेताओं को पंचमुखी बोला था। पार्टी में नेतृत्व को लेकर किसी भी तरह का संशय ना हो इसके लिए राजनीतिक संन्यास व चुनाव न लड़ने की बात कहते आए हैं।
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चरम पर आपसी मतभेद
कांग्रेस में इस प्रकार की लड़ाइयां होना आम बात है। नेतृत्व के लिए इस तरह का मतभेद इस समय चरम सीमा पर है। इसकी एक वजह यह हो सकती है कि कांग्रेस अन्य या भारतीय जनता पार्टी की तरह कैडर आधारित पार्टी नहीं है। इस वजह से अनुशासनहीनता साफ तौर पर नजर आती है। लेकिन, अगर कांग्रेस को चुनाव अच्छी तरीके से लड़कर जितना है तो धरातल पर काम करने की बहुत जरूरत है।

