Rishikesh News: क्यों हो रहा अगस्त्यमुनि स्टेडियम निर्माण का विरोध?
Rishikesh News: रुद्रप्रयाग में प्रस्तावित स्टेडियम निर्माण का विरोध बीते 15 दिनों से किया जा रहा है। नए साल वाले दिन यह जन आंदोलन में नया रुख लिया है। अगस्त्यमुनि मैदान में पुलिस के होने से मामला और ज्यादा खराब हो गया। पुलिस ने एक नोटिस जारी किया जिसके कारण आंदोलनरत ग्रामीणों को नए साल के दिन ही थाने जाना पड़ा। उन्हें स्पष्टीकरण के लिए नोटिस देकर थाने बुलाया गया था।
अलग-अलग धाराओं में नोटिस जारी (Rishikesh News)
प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस ने आंदोलन में शामिल सभी लोगों को अलग-अलग धाराओं में नोटिस जारी किया था। जिसके कारण सभी को साल के पहले दिन ही ठाने का मुंह देखना पड़ा। अगस्त्यमुनि मैदान में नए वर्ष के मौके पर सफाई अभियान भी चलाया गया। दूसरी तस्वीर थाने से आई जहां आंदोलनकारी अपना स्पष्टीकरण देने पहुंचे। इसमें आंदोलनकारी त्रिभुवन चौहान भी शामिल थे जिन्होंने कहा कि सरकार की यह कार्रवाई बेहद निंदनीय है और आंदोलन को दबाने के लिए झूठे मुकदमे दर्ज किया जा रहे हैं।
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डराने और धमकाने का प्रयास
आंदोलनकारी त्रिभुवन चौहान ने कहा की खेल विभाग के अधिकारियों के इशारे पर आंदोलन में शामिल सभी को डराने और दबाने का प्रयास किया गया है। उनके अलावा अन्य आंदोलनकारी ने भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जब प्रतिनिधि के घटनास्थल पर होते हुए भी ऐसे कार्यों की अनुमति क्यों दी गई है। सभी ने केदारनाथ विधायक समेत जिला प्रशासन और भाजपा मंडल अध्यक्ष सहित अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा (Rishikesh News Today)
पुलिस द्वारा लोक सेवा के तहत सरकारी कार्य को प्रभावित करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 132/115/221/351 में कुल मिलाकर एक दर्जन आंदोलनकारी के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं। पुलिस की इस हरकत के बाद माहौल गर्मा गया है। लेकिन, आंदोलनकारी का साहस नहीं तोड़ पाए और उन्होंने विरोध में जारी आंदोलन को आगे बढ़ने का ऐलान किया है।
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क्यों हो रहा स्टेडियम का विरोध?
ग्रामीणों का कहना है कि अगस्त्यमुनि मैदान मुनि महाराज और अगस्त्य ऋषि से जुड़ा पवित्र स्थल है। जहां वर्षों से धार्मिक अनुष्ठान, मेलों और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना जन सहमति के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसी कारण लोगों में जन आक्रोश है। उनका कहना है कि स्टेडियम के बनने से स्थानीय लोगों और युवाओं को कम और बाहर से आए लोगों को ज्यादा फायदा होगा। अगर इतना होने के बाद भी शासन और प्रशासन नहीं समझा तो उग्र आंदोलन करेंगे।
