Dehradun News: 5 साल से चल रहा था गोलमाल! अवैध दवाओं की बिक्री
Dehradun News: एक तरफ सरकार आयुर्वेद को बढ़ावा दे रही है। वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिसमें आयुर्वेदिक दवाइयां में मिलावटखोरी का पर्दाफाश हो रहा है। ऐसा ही एक मामला देहरादून में सामने आया है जहां फर्जी आयुर्वेदिक क्लीनिक और अवैध फैक्ट्री का संचालन पिछले कई वर्षों से किया जा रहा था।
क्या है पूरा मामला? (Dehradun News)
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सहस्त्रधारा रोड स्थित त्रिफला हर्बल सेंटर का संचालन पिछले कई वर्षों से होता आ रहा है। यहां से पूरे देश भर में ऑनलाइन माध्यम के जरिए दवाइयां की सप्लाई भी की जा रही थी। लेकिन, इसी बीच एक शिकायत प्राप्त हुई जिसके बाद कुछ दिन पहले ही केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने इस केंद्र की जानकारी उत्तराखंड आयुष विभाग से मांगी।
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देहरादून पहुंची केंद्रीय आयुष मंत्रालय टीम
जानकारी मिलने के बाद 20 फरवरी को केंद्रीय आयुष मंत्रालय की टीम देहरादून पहुंची। उत्तराखंड आयुष विभाग की टीम के साथ मिलकर फर्जी आयुर्वेदिक क्लीनिक और अवैध दवा फैक्ट्री में छापेमारी की। जिसमें टीम को बड़ी मात्रा में अवैध दवाइयां के साथ-साथ लेबलिंग की हुई अवैध दवाइयां और एक करोड़ रुपए नगद बरामद हुए।
5 साल से चल रहा था गोलमाल (Dehradun Latest News)
छापेमारी के दौरान जांच में हकीकत सामने आई कि इस क्लीनिक का संचालक खुद को रजिस्टर्ड चिकित्सक के रूप में प्रचारित कर रहा था। हैरानी वाली बात है कि उसके पास आयुर्वेद पद्धति में कोई भी वैध डिग्री तक नहीं थी। वह एक्यूप्रेशर के पद का इस्तेमाल कर शुगर और ब्लड प्रेशर जैसी बड़ी और गंभीर बीमारियों के लिए चिकित्सक परामर्श तक दे रहा था।
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पूरे देश में जा रही मिलावटी दवाइयां
आरोपी के अंदर इतनी हिम्मत थी कि पूरे देश के अंदर वह अवैध और मिलावटी दवाईयों की सप्लाई कर रहा था। केंद्रीय आयुष मंत्रालय की टीम दवाइयां के सैंपल लेकर जांच करेगी। इसके बाद सामने आएगा कि आयुर्वेद के अलावा इसमें अन्य पद्धति की दवाइयां भी मिला मिलाई गई थी या नहीं। फिलहाल उत्तराखंड आयुर्वेद विभाग द्वारा सभी दवाओं को सीज और फैक्ट्री को सील कर दिया गया है।

