Uttarakhand Politics: अपने राजनीतिक लाभ के लिए पहाड़वाड़ और मैदानवाद
Uttarakhand Politics: जौनसार से ताल्लुक रखने वाले समाजसेवी और संस्कृत छात्र कपिल शर्मा जौनसारी ने बड़ा बयान दिया है। उत्तराखंड में वर्तमान में पहाड़ वर्सेस मैदान का माहौल चल रहा है। इसी को लेकर कपिल शर्मा जौनसारी ने कहा है कि उत्तराखंड में अपने राजनीतिक लाभ के लिए कुछ नेताओं ने पहाड़वाड़ और मैदानवाद करके लोगों में दरार उत्पन्न की है। यह भविष्य के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकती है।
जनता को भ्रमित कर रहे नेता (Uttarakhand Politics)
अपने बयान में कपिल शर्मा जौनसारी ने कहा की उत्तराखंड के नेता अपनी राजनीति को बढ़ाने और चमकाने के लिए राज्य में पहाड़वाड़ और मैदानवाद का खेल खेल रहे हैं। जिसके नाम पर जनता को भ्रमित कर आपस में लड़वाने का काम कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें: Dehradun News: घंटाघर की धड़कन वापस! निर्माण को लेकर हुआ था खूब विवाद
बेतुके बयान दे रहे नेता
नेताओं पर तंज कसते हुए कपिल शर्मा (uttarakhand news) ने कहा कि नेताओं को बेतुके बयान देने से बचना चाहिए। जिससे आगे जाकर कोई विवाद उत्पन्न ना हो। अपने पद के साथ-साथ सदन की गरिमा का भी खास ध्यान रखना चाहिए। जिस तरह से भाजपा के विधायक किशोर उपाध्याय ने पानी रोकने की बात कही तो दूसरे दल के लक्सर विधायक शहजाद ने हरिद्वार में रह रहे टिहरी विस्थापित लोगों को वापस भेजने की बात कह दी।
पर्वतीय और मैदानी लोगों के खिलाफ (Uttarakhand Politics News)
दोनों नेताओं के बयानों से यह बात स्पष्ट होती है कि दोनों ही व्यक्ति सही मानसिकता के नहीं है। उनकी मानसिकता स्पष्ट तौर पर पर्वतीय और मैदानी लोगों के खिलाफ है। इस तरह की राजनीति के कारण उत्तराखंड में रह रहे लोगों को आपस में लड़वाने का काम नेता कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें: Cancer Awareness: इग्नोर ना करें बच्चों में यह बदलाव! हो सकता है कैंसर
जनता को दी नसीहत
जनता को समझ जाना चाहिए कि ऐसी कुछ मानसिकता (haridwar news) रखने वालों को वोट नहीं देने चाहिए। जो उत्तराखंड में रहने वाले व्यक्तियों को आपस में लड़वाने का काम कर रहे हैं। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष को इन दोनों विधायकों पर उचित कार्रवाई भी करनी चाहिए। जिससे प्रदेश का माहौल खराब ना हो और जनता को भी समझना चाहिए की राजनीति के चक्कर में आपसी रिश्ते खराब नहीं करने चाहिए। अगर पहाड़ हमारा घर है तो मैदान हमारे घर का आंगन है। जहां सबके साथ मिलजुल कर रहे और घटिया मानसिकता रखने वाले नेताओं को चुनावी मैदान से बाहर बैठने का काम जरुर करें।
