Haridwar: सुभाष घाट पर जुटे सैकड़ों लोग, अलग-अलग किया गया कचरा

Haridwar: कुंभ मेला-2027 से पहले हरिद्वार के गंगा घाटों को स्वच्छ बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के छठे दिन सुभाष घाट पर व्यापक स्तर पर सफाई की गई। सोमवार को 600 से अधिक लोगों ने अभियान में भाग लेकर घाट की सीढ़ियों, आसपास के रास्तों और सार्वजनिक स्थलों पर श्रमदान किया। इस दौरान करीब 55 टन सूखा और गीला कूड़ा एकत्र कर निस्तारण के लिए भेजा गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर चल रहे इस अभियान का संचालन मेला अधिकारी कुंभ सोनिका और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में किया जा रहा है।
प्रशासन के अनुसार, अभियान का उद्देश्य गंगा घाटों की स्वच्छता बनाए रखने के साथ हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके जरिए लोगों को गंगा संरक्षण और सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
सुभाष घाट पर जुटे सैकड़ों लोग, अलग-अलग किया गया कचरा (Haridwar)
विशेष स्वच्छता अभियान के तहत सुभाष घाट पर विभिन्न विभागों, धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने एक साथ मिलकर सफाई की। अभियान में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग, भारतीय नदी परिषद, जिला प्रशासन, नगर निगम, आपदा प्रबंधन विभाग, जिला पंचायत, श्रीगंगा सभा, शांतिकुंज, श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) सहित कई संस्थाओं ने भाग लिया।
प्रतिभागियों ने घाट की सीढ़ियों और आसपास के सार्वजनिक स्थानों से कचरा एकत्र किया। इस दौरान सूखे और गीले कूड़े को अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया, ताकि उसका उचित तरीके से निस्तारण किया जा सके।
अभियान के दौरान एकत्र किए गए करीब 55 टन कचरे की मात्रा इस सफाई अभियान के बड़े स्तर को दर्शाती है। हालांकि, जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इसमें पहले से जमा कचरे और सामान्य दैनिक कचरे का अलग-अलग हिस्सा कितना था।
मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे अभियान की निगरानी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में हरिद्वार में विशेष स्वच्छता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। प्रशासन के मुताबिक, मुख्यमंत्री स्वयं अभियान की निगरानी कर रहे हैं। मेला अधिकारी सोनिका और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में संबंधित विभागों और संस्थाओं को अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए घाटों और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में प्रशासन की कोशिश है कि सफाई व्यवस्था को केवल अभियान तक सीमित न रखकर नियमित गतिविधि के रूप में भी मजबूत किया जाए।
अधिकारियों ने लोगों से की कूड़ा निर्धारित स्थानों पर डालने की अपील
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत ने कहा कि स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में सभी विभागों, संस्थाओं और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गंगा घाटों को स्वच्छ रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी ने बताया कि नगर निगम की टीमों ने अभियान के दौरान एकत्र सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग कर निस्तारण की कार्रवाई की। उन्होंने स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और श्रद्धालुओं से घाटों पर कूड़ा नहीं फैलाने तथा स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।
स्वच्छता नोडल अधिकारी सीएम त्रिपाठी ने भी कहा कि जनभागीदारी के बिना स्वच्छता अभियान को स्थायी सफलता नहीं मिल सकती। उन्होंने लोगों से कूड़ा निर्धारित स्थानों पर डालने और स्वच्छ हरिद्वार के निर्माण में सहयोग देने का आग्रह किया।
वहीं, श्रीमहंत दीपकराज महाराज ने गंगा की पवित्रता बनाए रखने पर जोर देते हुए श्रद्धालुओं से गंगा में कूड़ा नहीं डालने और प्लास्टिक का उपयोग कम करने की अपील की।
स्कूल में भी गंगा स्वच्छता को लेकर दिलाई गई शपथ
स्वच्छता अभियान के साथ-साथ विद्यार्थियों को भी गंगा संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया गया। एसडी आदर्श इंटर कॉलेज, भीकमपुर जीतपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की नई इकाई का गठन किया गया। गंगा स्पर्श कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को गंगा की स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखने की शपथ दिलाई गई।
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विद्यालय परिसर में सफाई अभियान चलाकर विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं में स्वच्छता की आदत विकसित करना और उन्हें गंगा संरक्षण के प्रयासों से जोड़ना है।
सफाई के साथ नियमित व्यवस्था बनाए रखना भी चुनौती (Haridwar News)
सुभाष घाट पर छह दिनों से जारी विशेष अभियान के तहत बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी और कचरे का संग्रह स्वच्छता प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन गंगा घाटों को लंबे समय तक साफ रखने के लिए नियमित सफाई, कचरे का समय पर निस्तारण और श्रद्धालुओं की भागीदारी भी जरूरी होगी।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा न फैलाएं तथा प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें। कुंभ-2027 से पहले हरिद्वार को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में अब चुनौती इन अभियानों के साथ स्थायी स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी होगी।
