क्राइमहरिद्वार

Haridwar News: हरिद्वार में आज रात इन जगहों पर अवैध खनन की आशंका

Haridwar News: हरिद्वार जिले के कई क्षेत्रों में आज रात को बड़े पैमाने पर कथित अवैध खनन किए जाने की आशंका जताई है। जिसको लेकर उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस को पहले ही सतर्क कर दिया है। संस्था ने दावा किया है कि उसे अत्यंत विश्वसनीय और स्वतंत्र स्थानीय सूत्रों से इस मामले की सूचना मिली है कि ग्राम महतोली, भुवापुर, बाड़ीटीप, नेहंदपुर, प्रतापपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में स्थित विभिन्न स्टोन क्रेशरों पर अवैध खनन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

दर्जनों जेसीबी और अन्य मशीन हुई एकत्रित (Haridwar News)

मातृ सदन के अनुसार, कथित रूप से दर्जनों जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, डंपर और अन्य भारी वाहन पहले से ही एकत्रित किए जा चुके हैं। साथ ही उन्हें खनन क्षेत्र की ओर भेजा जा रहा है। संस्था ने दावा किया है कि इस संबंध में स्टोन क्रशर संचालकों और कथित संरक्षण देने वाले लोगों के बीच हरिद्वार और देहरादून में कहीं बैठकर भी आयोजित की गई हैं।

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कुछ व्यक्तियों के नाम

संस्था ने अपने बयान में कुछ व्यक्तियों के नाम का उल्लेख किया है। जिसमें मातृ सदन का आरोप है कि स्वामी यतीश्वरानंद, आदेश चौहान, पूर्व जिला खनन अधिकारी कासिम रजा खान और स्वयं को राजेंद्र आनंद सरस्वती बताने वाले एक व्यक्ति का नाम इस पूरे घटनाक्रम में सामने आया है। हालांकि संस्था ने स्पष्ट किया है कि यह नाम उसे विश्वसनीय सूत्रों और क्षेत्र में चल रही चर्चाओं के आधार पर प्राप्त हुए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित व्यक्तियों की ओर से संबंध में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

लिखित रूप से दी गई सूचना (Haridwar News Today)

मातृ सदन का कहना है कि उन्होंने इस संभावित अवैध खनन की सूचना जिला अधिकारी हरिद्वार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला खनन अधिकारी और संबंधित थाना प्रभारी को लिखित रूप से दे दी है। संस्था ने कहा है कि अगर पूर्व सूचना के बावजूद भी अवैध खनन होता है तो संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठेंगे।

संस्था द्वारा प्रशासन से मांग की गई है कि संवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल पुलिस बल और मजिस्ट्रेट के तैनाती की जाए। संदिग्ध जेसीबी, पोकलैंड मशीनों और वाहनों को भी जप्त किया जाए। सभी स्टोन क्रशरों की रात्रि कालीन वीडियोग्राफी हो तथा अवैध खनन को संरक्षण देने वालों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए। अगर अवैध खनन को नहीं रोका गया तो इस मामले को न्यायालय, राष्ट्रीय स्तर पर जन आंदोलन और अन्य वैधानिक माध्यमों से उठाया जाएगा।

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प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

समाचार लिखे जाने तक जिला प्रशासन, पुलिस और जिन व्यक्तियों (illegal mining haridwar) के नाम बयान में लिए गए हैं, उनकी ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।

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