Haridwar: तीन अस्थायी पुलों के कार्यों पर उठे सवालों का सिंचाई विभाग ने दिया जवाब

हरिद्वार

Haridwar: कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के बीच तीन अस्थायी पुलों के निर्माण और मरम्मत कार्यों को लेकर सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों पर सिंचाई विभाग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। विभाग का कहना है कि अलग-अलग शासनादेशों के जरिए एक ही काम के लिए बार-बार बजट स्वीकृत किए जाने का आरोप सही नहीं है। तीनों शासनादेश अलग-अलग तकनीकी जरूरतों और कार्यों से संबंधित हैं।

अवस्थापना खंड सिंचाई विभाग, रुड़की के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने प्रसारित खबरों को भ्रामक बताते हुए कहा कि तीनों कार्यों की प्रकृति अलग है और इनमें किसी तरह की पुनरावृत्ति नहीं की गई है।

पहले शासनादेश में पुलों की स्थापना और मरम्मत का प्रावधान (Haridwar)

अधिशासी अभियंता के अनुसार, 14 अक्टूबर 2025 को जारी शासनादेश के तहत तीन अस्थायी पुलों से जुड़े मैकेनिकल कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें पुलों को स्टोर से कार्यस्थल तक पहुंचाना, स्थापित करना, चेकर्ड प्लेट और राफ्टर बदलना, मरम्मत तथा पेंटिंग जैसे कार्य शामिल हैं।

इसके अलावा कुंभ मेला समाप्त होने के बाद पुलों को डिस्मेंटल कर सुरक्षित रूप से दोबारा स्टोर में रखने की व्यवस्था भी इसी स्वीकृति का हिस्सा है। विभाग के मुताबिक, इन पुलों की पांच वर्ष तक सुरक्षा का प्रावधान भी किया गया है।

रैंप निर्माण को बताया अलग सिविल कार्य

विभाग ने 27 मार्च 2026 को जारी शासनादेश को अलग कार्य से संबंधित बताया है। इसके तहत एस्केप चैनल के डाउनस्ट्रीम की ओर रैंप का निर्माण कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह मैकेनिकल कार्य नहीं, बल्कि सिविल निर्माण कार्य है।

तकनीकी आवश्यकताओं के अनुसार रैंप का निर्माण गंगा नहर की बंदी के बाद और कुंभ मेला शुरू होने से पहले किया जाना जरूरी है। इसी वजह से इसे पुलों की स्थापना और मरम्मत से अलग रखा गया है।

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11 कंक्रीट पियर्स की मरम्मत के लिए 33.06 लाख स्वीकृत

तीसरे कार्य के तहत अस्थायी पुलों की स्थापना के लिए पहले से निर्मित 11 कंक्रीट पियर्स की मरम्मत कराई जानी है। इसके लिए 33 लाख 6 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।

मनोज कुमार के मुताबिक, पिछली गंगा नहर बंदी के दौरान पुलों की स्थापना करते समय इन पियर्स में मरम्मत की आवश्यकता सामने आई थी। इसके बाद तकनीकी जरूरत के आधार पर नियमानुसार बजट स्वीकृत कराया गया।

विभाग ने दी तकनीकी मानकों के पालन की जानकारी (Haridwar News)

सिंचाई विभाग का कहना है कि मैकेनिकल कार्य, सिविल निर्माण और कंक्रीट पियर्स की मरम्मत तीनों अलग-अलग प्रकृति के कार्य हैं। इन्हें एक ही काम के दोहराव के रूप में प्रस्तुत करना तथ्यों के अनुरूप नहीं है।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि कुंभ मेला-2027 से संबंधित सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप कराए जा रहे हैं। शासनादेशों को उनके तकनीकी संदर्भ से अलग करके पेश किए जाने के कारण भ्रम की स्थिति बनी है।

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