Haridwar: हरिद्वार में सजावटी मछली पालन से बढ़ेंगे स्वरोजगार के अवसर

Haridwar: हरिद्वार जिले में मत्स्य पालन को स्वरोजगार और आय के बेहतर साधन के रूप में विकसित करने की दिशा में विभागीय स्तर पर प्रयास तेज करने पर जोर दिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में मत्स्य विभाग की योजनाओं की प्रगति, बजट व्यय और नए रोजगार अवसरों पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि पात्र लाभार्थी इनका लाभ उठाकर अपनी आजीविका मजबूत कर सकें।
मत्स्य विभाग की योजनाओं की हुई समीक्षा (Haridwar)
बैठक में सहायक निदेशक मत्स्य ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभाग की तीन प्रमुख योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने योजनाओं के तहत अब तक हुई प्रगति और किए गए व्यय का विवरण मुख्य विकास अधिकारी के सामने रखा। इसके साथ ही जिले में मत्स्य पालन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी गई।
बैठक में सभी ब्लॉक प्रभारियों की मौजूदगी में योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और विभागीय कार्यों में तेजी लाने पर चर्चा हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रभावी कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ने के निर्देश दिए।
बहादराबाद और रुड़की में बन रहे तीन क्लस्टर
जिले में इस वर्ष सजावटी मछलियों के पालन को बढ़ावा देने के लिए तीन ऑर्नामेंटल फिशरीज क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इनमें एक क्लस्टर बहादराबाद और दो क्लस्टर रुड़की क्षेत्र में स्थापित किए जा रहे हैं।
सजावटी मछलियों का पालन एक संभावित व्यावसायिक गतिविधि है, जिसके माध्यम से इच्छुक लोग अपना स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं। इस क्षेत्र में नए अवसर विकसित करने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को क्लस्टरों की प्रगति पर ध्यान देने और अधिक लोगों को इस गतिविधि से जोड़ने के निर्देश दिए।
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योजनाओं का प्रचार बढ़ाने पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि मत्स्य विभाग की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना जरूरी है, जिससे पात्र और इच्छुक लोगों को योजनाओं की जानकारी मिल सके। उन्होंने विभागीय योजनाओं के अंतर्गत व्यय की प्रगति बढ़ाने और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश भी दिए।
योजनाओं की जानकारी गांवों और विकासखंडों तक पहुंचने से मत्स्य पालन में रुचि रखने वाले लोगों को नए अवसरों के बारे में जानकारी मिल सकती है। इसके लिए अधिकारियों को प्रचार-प्रसार की गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर ध्यान देने को कहा गया।
सफल मत्स्य पालकों की कहानियां बनेंगी प्रेरणा (Haridwar News)
मुख्य विकास अधिकारी ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे लोगों की सफलता की कहानियों को समाचार पत्रों और अन्य माध्यमों से व्यापक स्तर पर प्रचारित करने के निर्देश दिए। उनका मानना है कि सफल मत्स्य पालकों के अनुभव और उपलब्धियां सामने आने से दूसरे लोग भी इस व्यवसाय को अपनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मत्स्य पालन को आजीविका के विकल्प के रूप में प्रोत्साहित करने, स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने और विभागीय योजनाओं का लाभ अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं।
