Rishikesh News: शिक्षाविद के पार्थिव शरीर का उपयोग करेंगे मेडिकल छात्र
Rishikesh News: जीवनभर शिक्षा और संस्कारों का संदेश देने वाले ऋषिकेश के वरिष्ठ शिक्षाविद विशेश्वरानंद कुकरेती ने निधन के बाद भी समाज को प्रेरणा देने वाला कार्य किया। उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार उनका पार्थिव शरीर चिकित्सा शिक्षा और शोध कार्यों के लिए एम्स ऋषिकेश को दान कर दिया गया। उनका यह निर्णय मानव सेवा और देहदान के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश बन गया है।
जीवित रहते हुए लिया था देहदान का संकल्प (Rishikesh News)
भरत मंदिर इंटर कॉलेज में अंग्रेजी के प्रवक्ता रहे विशेश्वरानंद कुकरेती ने अपने जीवनकाल में ही देहदान का संकल्प लिया था। अधिवक्ता राकेश मियां ने बताया कि 3 जून 2024 को उन्होंने विधिवत संकल्प पत्र भरकर इच्छा जताई थी कि निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर का उपयोग मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और शोध कार्यों के लिए किया जाए।
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परिजनों ने निभाई उनकी अंतिम इच्छा
शिक्षाविद के निधन के बाद उनके पुत्र शैलेश कुकरेती और अन्य परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए पार्थिव शरीर एम्स ऋषिकेश के एनाटॉमी विभाग को सौंप दिया। एम्स में देहदान की सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं, जिसके बाद संस्थान की ओर से परिजनों को सम्मानित भी किया गया।
सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षा और संस्कारों से जुड़े रहे
शैलेश कुकरेती ने बताया कि उनके पिता 30 जून 1996 को सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने समाज और अपने पूर्व छात्रों को अनुशासित जीवन, नैतिक मूल्यों और अच्छे चरित्र का संदेश देना नहीं छोड़ा। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान आज भी लोगों के लिए प्रेरणा बना हुआ है।
हिंदू रीति से सांकेतिक अंतिम संस्कार किया गया
देहदान के बाद परिवार ने हिंदू परंपराओं का पालन करते हुए सांकेतिक पुतला बनाकर गंगा तट पर विधि-विधान से अंतिम संस्कार संपन्न किया। वहीं उनका पार्थिव शरीर अब मेडिकल शिक्षा और वैज्ञानिक शोध के माध्यम से मानव कल्याण में योगदान देगा।
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देहदान के जरिए समाज को दिया अमर संदेश (Rishikesh News Today)
विशेश्वरानंद कुकरेती का यह निर्णय केवल एक व्यक्ति का संकल्प नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने अपने जीवन की तरह मृत्यु के बाद भी मानवता की सेवा का मार्ग चुना और यह संदेश दिया कि देहदान महादान है, जो किसी एक व्यक्ति नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अमूल्य योगदान बन सकता है।

