Haridwar Kumbh: प्रेम नगर आश्रम में चला सफाई अभियान, 10 टन कूड़ा एकत्रित

Haridwar Kumbh: कुंभ मेला-2027 से पहले धर्मनगरी हरिद्वार को स्वच्छ बनाने की तैयारियों के बीच प्रेम नगर आश्रम में व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। गंगा बंदी के दौरान आयोजित इस अभियान में आश्रम के अनुयायियों, साधु-संतों और स्वयंसेवकों समेत कई सौ लोगों ने भाग लिया। सभी ने मिलकर आश्रम स्थित घाट और आसपास के क्षेत्रों की सफाई की। अभियान के दौरान लगभग 10 टन गीला और सूखा कूड़ा एकत्रित किया गया, जिसे निस्तारण के लिए भेजा गया।

इस अभियान का उद्देश्य केवल घाटों की सफाई करना ही नहीं, बल्कि आगामी कुंभ मेले से पहले लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और गंगा की निर्मलता बनाए रखने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देना भी रहा।
गंगा बंदी के दौरान घाटों की सफाई पर जोर (Haridwar Kumbh)
आगामी कुंभ मेले को देखते हुए हरिद्वार के घाटों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में प्रेम नगर आश्रम की ओर से यह अभियान चलाया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने श्रमदान कर घाटों और आसपास फैले कचरे को एकत्रित किया।
एकत्रित किए गए करीब 10 टन गीले और सूखे कूड़े को उचित निस्तारण के लिए भेजा गया। अभियान में शामिल लोगों ने आमजन से अपील की कि घाटों पर कूड़ा न फैलाएं और अपने आसपास सफाई बनाए रखने में सहयोग करें।
सीडीओ बोले- स्वच्छता के लिए जनभागीदारी जरूरी
अभियान के दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने इसे जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की स्वच्छता बनाए रखने में जिला प्रशासन के प्रयासों के साथ सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि कुंभ मेला-2027 के मद्देनजर घाटों, सार्वजनिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों को साफ रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे अभियान लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ अपने शहर, पर्यावरण और गंगा के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।
सीडीओ ने सामाजिक संस्थाओं और आमजन से स्वच्छ हरिद्वार के संकल्प को साकार करने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
यह भी पढ़ें: Haridwar RTO: लग्जरी बसों पर सख्ती, 35 चालान और 2 बसें सीज
प्रेम नगर आश्रम ने दिया गंगा की निर्मलता का संदेश
प्रेम नगर आश्रम के महाप्रबंधक महात्मा श्री सौम्यानंद जी ने कहा कि स्वच्छता किसी एक विभाग, संस्था या व्यक्ति तक सीमित जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। उनके अनुसार, जनसहभागिता के माध्यम से ही स्वच्छता के लक्ष्यों को स्थायी रूप से हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि परम पूज्य गुरुजी श्री सतपाल महाराज जी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप व्यापक स्तर पर स्वच्छता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने गंगा को आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार बताते हुए इसकी निर्मलता एवं पवित्रता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं, साधु-संतों, स्वयंसेवकों और आमजन को मिलकर घाटों की सफाई के लिए आगे आना चाहिए। नियमित अभियान और जनजागरूकता से ही स्वच्छता के प्रयासों को निरंतर बनाए रखा जा सकता है।
कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ हरिद्वार का लक्ष्य (Haridwar Kumbh News)
अभियान के दौरान श्री पवन कुमार ने कहा कि कुंभ मेला-2027 में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। ऐसे में घाटों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के साथ आमजन से भी इस दिशा में सहयोग करने की अपील की।
स्वच्छता अभियान में श्री अनुज रावत, श्री शंकर लाल शर्मा, श्री मोतीलाल, श्री नरेंद्र कुमार सहित कई लोगों ने सहभागिता की। प्रतिभागियों ने श्रमदान के माध्यम से लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया।
कुंभ मेले से पहले इस तरह के सामूहिक प्रयासों से घाटों की सफाई और जनजागरूकता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, स्वच्छता को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए नियमित सफाई, कचरे का उचित निस्तारण और आमजन की निरंतर भागीदारी भी जरूरी होगी।
