Haridwar News: आंगनबाड़ी से स्कूल तक मिलीं खामियां, CDO ने दिए कार्रवाई के निर्देश

हरिद्वार

Haridwar News: हरिद्वार के औरंगाबाद और आन्नेकी प्रथम में सरकारी संस्थानों के निरीक्षण के दौरान कई लापरवाहियां सामने आईं। प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने आंगनबाड़ी केंद्र, आयुष्मान आरोग्यम मंदिर और प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्र में कई दिनों से उपस्थिति दर्ज नहीं होने, स्वास्थ्य केंद्र बंद मिलने और स्कूल में एक्सपायरी मिल्क पाउडर के साथ बिना वितरित की गईं करीब 500 किताबें मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

आंगनबाड़ी में पांच दिन से दर्ज नहीं हुई उपस्थिति (Haridwar News)

निरीक्षण की शुरुआत औरंगाबाद स्थित आंगनबाड़ी केंद्र से हुई। यहां बच्चों की उपस्थिति 18 अक्टूबर से दर्ज नहीं की गई थी। अभिलेखों में इस लापरवाही को देखते हुए प्रभारी जिलाधिकारी ने संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्री का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अभिलेख नियमित रूप से अपडेट रखने और सरकारी योजनाओं के संचालन में लापरवाही नहीं बरतने को कहा।

बंद मिला आयुष्मान आरोग्यम मंदिर

इसके बाद औरंगाबाद स्थित आयुष्मान आरोग्यम मंदिर का निरीक्षण किया गया, जहां केंद्र बंद मिला। इस पर प्रभारी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र बंद रहने का कारण स्पष्ट करने और लोगों को निर्धारित स्वास्थ्य सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराने को कहा।

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स्कूल के स्टोर में मिलीं 500 किताबें और एक्सपायरी मिल्क पाउडर

प्राथमिक विद्यालय आन्नेकी प्रथम के निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन चूल्हे पर बनता मिला। विद्यालय में गैस कनेक्शन भी उपलब्ध नहीं था। वहीं, स्टोर में एक्सपायरी डेट का मिल्क पाउडर और विद्यार्थियों को वितरित नहीं की गईं करीब 500 किताबें रखी मिलीं। इन व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

भोजन माता और प्रधानाचार्य का वेतन रोकने के निर्देश (Haridwar News Today)

निरीक्षण के दौरान भोजन माता भी अनुपस्थित मिलीं। इस पर प्रभारी जिलाधिकारी ने भोजन माता और प्रधानाचार्य का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को मिलने वाली सामग्री का समय पर वितरण, खाद्य पदार्थों का सुरक्षित रखरखाव और स्कूल में जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करना संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी है।

हालांकि, विद्यार्थियों से बातचीत और सवाल-जवाब के दौरान विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर पाई गई। प्रभारी जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को व्यवस्थाओं में सुधार लाने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

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