Haridwar: कुंभ 2027 के बाद भी काम आएंगी ये परियोजनाएं, बदलेगी हरिद्वार की तस्वीर!

Haridwar: कुंभ 2027 की तैयारियों के बीच हरिद्वार में कई ऐसे विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिनका लाभ कुंभ समाप्त होने के बाद भी स्थानीय लोगों को मिलेगा। इन परियोजनाओं में सड़क चौड़ीकरण, बाईपास, पेयजल व्यवस्था, पुल निर्माण और घाटों का विकास शामिल है। खास बात यह है कि इन कार्यों से केवल बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को ही नहीं, बल्कि हरिद्वार के निवासियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

बहादराबाद से सिडकुल तक सड़क होगी चौड़ी (Haridwar Kumbh)
बहादराबाद से सिडकुल तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य औद्योगिक क्षेत्र में आने-जाने वाले कर्मचारियों और स्थानीय वाहन चालकों के लिए महत्वपूर्ण है। इससे रोजाना लगने वाले जाम और आवागमन की परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है।
बाईपास और एक्सप्रेसवे से मिलेगी ट्रैफिक से राहत
हरिद्वार में लगभग 15 किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को हरिद्वार से जोड़ने के लिए लगभग 51 किलोमीटर लंबे छह लेन के स्पर का निर्माण भी शामिल है। इन परियोजनाओं से बाहरी वाहनों को बेहतर रास्ता मिलेगा और शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
18.11 करोड़ से मजबूत होगी पेयजल व्यवस्था
जल संस्थान की नौ परियोजनाओं के लिए 18.11 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इनमें 1500 किलोलीटर क्षमता की पानी की टंकी, नए ट्यूबवेल, पांच आरसीसी इन्फिल्ट्रेशन कुएं और पुरानी पंपिंग जलापूर्ति योजनाओं का पुनर्गठन शामिल है। इन कार्यों से संबंधित क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता और सप्लाई व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
70.54 करोड़ से बनेंगे घाट और स्थायी पुल (Haridwar Kumbh News)
सिंचाई विभाग की सात परियोजनाओं के लिए 70.54 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इनमें गंगा और अपर गंगा नहर के किनारे घाट निर्माण, पुराने घाटों का पुनर्विकास और 90 मीटर स्पान का दो लेन वाला स्थायी स्टील गर्डर पुल शामिल है। इससे धार्मिक गतिविधियों के साथ आसपास के लोगों को भी आवागमन की सुविधा मिल सकती है।
रोड़ी बेलवाला में जल निकासी और रोशनी पर काम
रोड़ी बेलवाला क्षेत्र में लगभग 58.84 करोड़ रुपये की विकास परियोजना में जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, निगरानी व्यवस्था और पैदल यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रावधान है। इससे क्षेत्र के स्थानीय निवासियों को भी लंबे समय तक फायदा मिल सकता है।
मंदिरों तक पहुंचने के रास्तों का भी होगा विकास
हर की पैड़ी से विभिन्न मंदिरों को जोड़ने वाले पैदल मार्गों और मनसा देवी मंदिर तक पहुंचने की सुविधाओं के विकास से जुड़े कार्य भी कुंभ की तैयारियों में शामिल हैं। इनसे स्थानीय निवासियों, बुजुर्गों और मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सकती है।
कुंभ के बाद भी काम आएंगी ये परियोजनाएं (Haridwar News)
कुंभ 2027 के लिए तैयार की जा रही ये स्थायी परियोजनाएं हरिद्वार के भविष्य के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, इनका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब सभी निर्माण कार्य तय समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरे हों। साथ ही यह भी जरूरी है कि पेयजल और जल निकासी जैसी सुविधाओं का लाभ शहर के स्थानीय मोहल्लों तक पहुंचे। अब देखना होगा कि कुंभ के नाम पर हो रहा यह विकास आयोजन के बाद हरिद्वार के आम नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं को कितना कम कर पाता है।
