Haridwar: आनन्द आश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं पुण्यतिथि समारोह का हुआ आयोजन
Haridwar: उत्तरी हरिद्वार स्थित प्रख्यात धार्मिक संस्था श्री आनन्द आश्रम एवं श्री आनंदेश्वर महादेव मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं पुण्यतिथि समारोह श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच आयोजित किया गया। चार दिवसीय धार्मिक आयोजन में देशभर से संत-महात्माओं, महामंडलेश्वरों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
इस अवसर पर ब्रह्मलीन स्वामी शंकरानन्द जी महाराज, ब्रह्मलीन स्वामी चेतनानन्द जी महाराज एवं ब्रह्मलीन स्वामी कृष्णानन्द जी महाराज को कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, संत-महंतों एवं महामंडलेश्वरों ने पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। श्रद्धालुओं ने संस्था के परमाध्यक्ष पूज्य महंत स्वामी विवेकानन्द महाराज का पावन आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
चार दिवसीय समारोह में हुए धार्मिक अनुष्ठान (Haridwar News)
आश्रम के अध्यक्ष महंत स्वामी श्री विवेकानन्द जी महाराज ने बताया कि ब्रह्मलीन परम गुरु स्वामी चेतनानन्द जी महाराज एवं स्वामी शिवानन्द जी महाराज की 19वीं पुण्यतिथि तथा ब्रह्मलीन स्वामी कृष्णानन्द जी महाराज की पांचवीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में यह चार दिवसीय समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान आचार्य श्री गरीबदास जी की अमृतवाणी का पाठ, हवन-यज्ञ, श्रद्धांजलि सभा, व्यास पूजा, गुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने संतों के सान्निध्य में सत्संग का श्रवण किया और भंडारे का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
गुरु अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं: मदन कौशिक
समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु अपने शिष्यों को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान, संस्कार और सत्य के मार्ग पर आगे बढ़ाते हैं।
उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा का पर्व हमें अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणा देता है। संतों का जीवन समाज को धर्म, अध्यात्म, सेवा और सदाचार की दिशा प्रदान करता है।
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मदन कौशिक ने कहा कि ब्रह्मलीन संतों ने अपने जीवनकाल में धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके कार्यों और आदर्शों को समाज सदैव स्मरण करता रहेगा। उन्होंने श्री आनन्द आश्रम की आध्यात्मिक परंपरा को संत समाज और श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
उन्होंने कहा कि पूज्य महंत स्वामी विवेकानन्द महाराज के सान्निध्य में आश्रम (haridwar latest news) द्वारा धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों के माध्यम से सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का कार्य निरंतर किया जा रहा है।
गुरु पूर्णिमा समर्पण और कृतज्ञता का पावन पर्व: महंत स्वामी विवेकानन्द महाराज
आश्रम के परमाध्यक्ष पूज्य महंत स्वामी विवेकानन्द महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति समर्पण, श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है। गुरु अपने शिष्य के जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं और उन्हें धर्म एवं सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी शंकरानन्द जी महाराज, ब्रह्मलीन स्वामी चेतनानन्द जी महाराज एवं ब्रह्मलीन स्वामी कृष्णानन्द जी महाराज का जीवन त्याग, तपस्या, साधना और सेवा का प्रतीक रहा है। उनके द्वारा स्थापित आध्यात्मिक परंपराओं और आदर्शों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
महंत स्वामी विवेकानन्द महाराज ने कहा कि संतों का जीवन सदैव लोककल्याण के लिए समर्पित रहा है। सनातन धर्म की महान गुरु-शिष्य परंपरा ने भारतीय संस्कृति को सदियों से जीवंत बनाए रखा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से संतों के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज में सेवा, सद्भाव और संस्कारों को मजबूत करने का आह्वान किया।
संत-महंतों ने पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि (Haridwar News Today)
समारोह में उपस्थित संत-महंतों एवं महामंडलेश्वरों ने ब्रह्मलीन संतों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। इस दौरान आश्रम परिसर में भजन, पूजन, सत्संग एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में बाबा हठयोगी, महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि, प्रबोधानंद गिरि, जय सिंह मावी, बालकिशन भाटी, ब्रह्मपाल नागर, हरी मिड्डा, राजनारायण भाटी, बिट्टू मिड्डा, दिनेश मावी, ब्रह्माप्रकाश मावी, अशोक भूतना, डॉ. विशाल गर्ग, रितेश गौड़, करण पंत, पार्षद सूर्यकांत शर्मा, पूर्व पार्षद अनिरुद्ध भाटी, भाजपा नेता राजीव भट्ट, कपिल शर्मा जौनसारी, रितेश शर्मा और रवि प्रभारी सहित सैकड़ों संत-महंत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

