Haridwar: सीवर कार्यदायी संस्था पर मुकदमा दर्ज करने की मांग

Haridwar: हरिद्वार में सीवर कार्यों के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। महानगर व्यापार मंडल ने सीवर कार्यदायी संस्था के जिम्मेदार अधिकारियों और कार्यों की निगरानी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन का आरोप है कि सड़कों पर चल रहे सीवर कार्यों के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से आम लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। इसी मुद्दे को लेकर महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी ने साथियों के साथ सप्तऋषि पुलिस चौकी प्रभारी खेमेन्द्र गंगवार को प्रार्थना पत्र सौंपा।

यह मांग तीन दिन पहले उत्तरी हरिद्वार के युवक तुषार कपिल के साथ हुई भीषण दुर्घटना के संदर्भ में उठाई गई है। व्यापार मंडल ने पुलिस प्रशासन से दुर्घटना की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग की है।
सीवर कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल (Haridwar)
सुनील सेठी ने कहा कि सीवर कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी आम लोगों के लिए खतरा बन सकती है। उनके अनुसार, स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य राहगीरों को सड़कों पर आवाजाही के दौरान परेशानी और दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने मांग की कि सीवर कार्यदायी संस्था के जिम्मेदार अधिकारियों और निगरानी करने वाले कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जाए। यदि लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
सुनील सेठी ने कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की कि भविष्य में होने वाले सीवर कार्यों के लिए सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही तय की जाए।
तुषार कपिल सहित दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग
व्यापार मंडल ने मांग की कि सीवर कार्यों (Haridwar News Today) के दौरान दुर्घटनाओं का शिकार हुए लोगों को न्याय दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन आवश्यक कदम उठाए। संगठन ने पीड़ितों को उचित मुआवजा देने की मांग भी की है।
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सुनील सेठी के अनुसार, मुआवजे में पीड़ितों के इलाज, भविष्य में होने वाले उपचार खर्च और दुर्घटना के कारण प्रभावित हुए कामकाज या व्यापार से जुड़े नुकसान को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना से प्रभावित परिवारों को राहत दिलाने के लिए संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करना जरूरी है।
हालांकि, तुषार कपिल की दुर्घटना के सटीक कारणों, घटना की परिस्थितियों और संबंधित संस्था की जिम्मेदारी को लेकर पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी इस बयान में नहीं दी गई है। इन पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सामाजिक संगठनों ने भी कार्रवाई की मांग की
प्रार्थना पत्र सौंपने के दौरान विभिन्न सामाजिक और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सीवर कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की मांग का समर्थन किया।
इस दौरान धर्मशाला समिति के अध्यक्ष महंत भीम सैन, कुमाऊं संस्कृति सेवा समिति के अध्यक्ष संदीप भट्ट, श्री गायत्री व्यापार मंडल के अध्यक्ष भागीरथ प्रजापति, समाजसेवी रितेश वशिष्ठ और ऑटो यूनियन अध्यक्ष हरीश अरोड़ा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि सीवर कार्यों के दौरान सुरक्षा इंतजामों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि सड़क से गुजरने वाले लोगों को किसी तरह के खतरे का सामना न करना पड़े। उन्होंने संबंधित विभागों से निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपायों की नियमित निगरानी करने की मांग की।
मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलने की तैयारी (Haridwar News)
सुनील सेठी ने कहा कि इस मामले को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री और उत्तराखंड के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से भी मुलाकात की जाएगी। संगठन का कहना है कि सीवर कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा होनी चाहिए और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
इस अवसर पर महंत संजय जी, महामंत्री लालजी यादव, सावन कुमार, प्रभात कौशिक, विकास मलिक, राकेश सिंह, राकेश कुमार, जनार्दन पांडे, नंदकिशोर पंडित, नितिन शर्मा, रवि नेगी और जुगल किशोर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
अब इस मामले में पुलिस और संबंधित विभाग की जांच तथा कार्रवाई पर नजर रहेगी। सीवर कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन, दुर्घटनाओं की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करना इस पूरे मामले के प्रमुख मुद्दे हैं।
