Haridwar: रेलवे स्टेशन पर बैरिकेडिंग, नो ई-रिक्शा जोन का प्रस्ताव

Haridwar: हरिद्वार रेलवे स्टेशन और बस अड्डे के आसपास लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में सुधार की कवायद तेज कर दी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर संयुक्त निरीक्षण में दिए गए सुझावों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रेलवे स्टेशन के गेट संख्या 2 और गेट संख्या 6 के बीच डिवाइडर कटों पर बैरिकेड लगाए गए हैं। वहीं, सड़क पर सवारियां बैठाने और उतारने वाले ऑटो-विक्रम के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
डिवाइडर कटों पर बैरिकेडिंग, यू-टर्न पर लगेगी रोक (Haridwar)
त्योहारी सीजन में यात्रियों और श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए रेलवे स्टेशन क्षेत्र में यातायात नियंत्रित करने पर जोर दिया जा रहा है। डिवाइडर कटों पर बैरिकेडिंग का उद्देश्य अनावश्यक यू-टर्न और विपरीत दिशा में वाहनों की आवाजाही रोकना है, ताकि मुख्य मार्ग पर यातायात सुचारु रह सके।
देवपुरा से शिवमूर्ति चौक तक नो ई-रिक्शा जोन का प्रस्ताव
यातायात सुधार के लिए देवपुरा चौक से शिवमूर्ति चौक तक नो ई-रिक्शा जोन बनाने की संस्तुति की गई है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा के अनुसार, इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी करने की प्रक्रिया पुलिस विभाग के स्तर पर चल रही है। प्रतिबंध लागू होने के बाद निगरानी के लिए छह होमगार्ड जवानों की तैनाती का प्रस्ताव भी दिया गया है।
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नियम तोड़ने वाले वाहनों पर रहेगी नजर
रेलवे स्टेशन और बस अड्डे के आसपास यातायात नियमों के उल्लंघन पर नजर रखने के लिए चार ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
वहीं, निर्धारित स्थानों के बजाय सड़क पर सवारियां बैठाने और उतारने वाले ऑटो-विक्रम के चालान किए जा रहे हैं। पुलिसकर्मियों के साथ परिवहन विभाग की मोबाइल प्रवर्तन टीमें भी नियमित निरीक्षण कर रही हैं।
प्रवेश और निकास व्यवस्था में भी होगा बदलाव (Haridwar News)
योजना के तहत रेलवे स्टेशन के गेट संख्या 2 से वाहनों के प्रवेश और गेट संख्या 6 से निकास की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है। यात्रियों को निर्धारित स्थानों पर ही बैठाने और उतारने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। पुलिस, परिवहन विभाग और नगर निगम समेत संबंधित एजेंसियां इन बदलावों पर समन्वय कर रही हैं।
प्रशासन का लक्ष्य स्थानीय नागरिकों, यात्रियों और श्रद्धालुओं को जाम से राहत दिलाना है। हालांकि, प्रस्तावित व्यवस्थाएं पूरी तरह लागू होने के बाद ही इनके वास्तविक प्रभाव का आकलन हो सकेगा।
