Haridwar: हटाए गए 15 अनुपयोगी बिजली के खंभे, तारों के जाल पर भी कार्रवाई

Haridwar: हरिद्वार शहर में यातायात को सुगम बनाने और सड़कों के किनारे अव्यवस्था दूर करने के लिए प्रशासन ने अनुपयोगी बिजली के खंभों को हटाने की कार्रवाई शुरू की है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में विद्युत विभाग की टीम ने भगत सिंह चौक से शंकराचार्य चौक तक करीब 15 अनुपयोगी विद्युत पोल हटा दिए हैं। इसके साथ ही इन खंभों पर लगे निजी कंपनियों और केबल ऑपरेटरों के अनावश्यक तारों को भी हटाया जा रहा है।
भगत सिंह चौक से शंकराचार्य चौक तक कार्रवाई (Haridwar)
हरिद्वार के प्रमुख मार्गों पर सड़क किनारे लगे कुछ बिजली के खंभे लंबे समय से यातायात और आवागमन में बाधा बन रहे थे। इन्हें हटाने के लिए विद्युत विभाग की टीम ने कार्रवाई की। प्रशासन का उद्देश्य सड़कों को बाधामुक्त बनाने के साथ ही सार्वजनिक स्थानों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।
बिजली के खंभों के साथ हटेंगे अनावश्यक तार
कई स्थानों पर अनुपयोगी विद्युत पोलों पर निजी कंपनियों और केबल ऑपरेटरों ने तार और केबल लगाए हुए हैं। इससे सड़क किनारे अव्यवस्था पैदा होती है। ऐसे में प्रशासन केवल खंभे हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनसे जुड़े अनावश्यक तारों को हटाने की कार्रवाई भी की जा रही है।
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विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता दीपक सैनी के अनुसार, जिलाधिकारी के निर्देश पर ऐसे पोल चिह्नित किए जा रहे हैं, जो वर्तमान में उपयोग में नहीं हैं और यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं।
हरिद्वार के अन्य मार्गों पर भी होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में संबंधित अधिकारियों को शहर के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां अनुपयोगी बिजली के खंभों के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती है, वहां आवश्यकतानुसार उन्हें हटाया जाएगा।
क्या शहर को मिलेगी जाम और अव्यवस्था से राहत? (Haridwar News)
प्रशासन की इस पहल से सड़क किनारे अनावश्यक अवरोध कम होने और यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि, शहर के अन्य मार्गों पर कार्रवाई कब तक पहुंचेगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। हरिद्वार में सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने और नागरिकों को सुगम आवागमन उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से अभियान जारी है।
