Haridwar: जलभराव के बाद जिला प्रशासन ने किया जल निकासी का अभियान तेज
Haridwar: लगातार बारिश के चलते हरिद्वार के सुमननगर में हुए जलभराव के बाद जिला प्रशासन ने जल निकासी का अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में आपदा प्रबंधन, तहसील प्रशासन, सिंचाई, पंचायत समेत अन्य संबंधित विभागों की टीमें मौके पर लगातार काम कर रही हैं।

सुमननगर की चार गलियां हुईं जलमुक्त (Haridwar)
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत के अनुसार, 1 सितंबर से लगातार हो रही बारिश के कारण सुमननगर की कई गलियों में पानी जमा हो गया था। प्रशासन की ओर से पंप सेट, टैंकर, ट्रैक्टर और ट्रैक्टर पंप सेट की मदद से लगातार पानी निकाला जा रहा है।
अब तक बन्दा संख्या 1, 2, 4 और 5 की प्रभावित गलियों से पानी की निकासी कर दी गई है। वहीं, बन्दा संख्या 3 की गलियों में अभी जल निकासी का कार्य जारी है।
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मकानों में नहीं हुआ जलभराव
प्रशासन के अनुसार राहत की बात यह है कि सुमननगर में किसी भी आवासीय मकान में पानी नहीं घुसा है। जलभराव मुख्य रूप से गलियों तक सीमित रहा। पानी की निकासी के लिए जेसीबी की मदद से बन्दा नंबर-2 को काटा गया और सुमननगर से लगी सुखी नदी तक अस्थायी नाली बनाकर पानी निकाला गया।
सक्शन मशीन और जेसीबी से तीन स्तरों पर काम (Haridwar News)
जल निकासी के लिए प्रशासन सक्शन मशीन, पंप सेट और जेसीबी के जरिए तीन स्तरों पर काम कर रहा है। सक्शन मशीन से पानी खींचा जा रहा है, पंप सेट से जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी बाहर निकाला जा रहा है और जेसीबी से नालियों की सफाई व खुदाई कर पानी के प्रवाह को सुचारु किया जा रहा है।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, तहसील प्रशासन, सिंचाई विभाग, पंचायत विभाग और अन्य संबंधित टीमें मौके पर निगरानी बनाए हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि सुमननगर में जल निकासी का कार्य लगातार जारी है।
