Haridwar Kumbh: महंत कमलदास ने कुंभ क्षेत्र की व्यापकता बनाए रखने पर दिया जोर

Haridwar Kumbh: हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ 2027 की तैयारी के बीच पंचायती उदासीन अखाड़े के महंत कमलदास ने कुंभ क्षेत्र की व्यापकता बनाए रखने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि हरिद्वार के कुंभ को बेहतर ढंग से सजाने-संवारने के लिए प्रयागराज के कुंभ से सीख ली जानी चाहिए। उनके मुताबिक विशाल क्षेत्र और खुले मैदान बड़े धार्मिक आयोजनों की सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
प्रयागराज से सीखने की जरूरत (Haridwar Kumbh)
महंत कमल दास ने कहा कि जब प्रयागराज के कुंभ का उदाहरण सामने रखा जाता है तो केवल सजावट और भव्यता ही नहीं बल्कि उसके पीछे मौजूद विशाल मेला क्षेत्र, खुले स्थान और बेहतर व्यवस्थाओं को भी समझना चाहिए। उनका मानना है कि श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को व्यवस्थित करने के लिए पर्याप्त स्थान होना जरूरी है।
हरिद्वार में वर्ष 2010 के कुंभ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बारिश के बावजूद उसे दौरान भारी जन सैलाब उड़ा था और श्रद्धालुओं की आस्था का वह स्वरूप आज भी लोगों के मन में है। हालांकि उसे समय हुई एक घटना ने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए थे। लेकिन, इसके बाद हर आयोजन के साथ व्यवस्थाओं में सुधार देखने को मिला है।
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कावड़ और स्नान पर्व से मिला अनुभव
हरिद्वार में हर साल होने वाला कावड़ मेला और विभिन्न स्नान पर्व प्रशासन के लिए बड़े आयोजनों की व्यवस्थाओं का अनुभव प्रदान करते हैं। इन आयोजनों के दौरान सामने आने वाली यातायात, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और स्थान संबंधित चुनौतियां यह स्पष्ट करती है की धर्म नगरी में बड़े आयोजनों के लिए पर्याप्त क्षेत्र कितना जरूरी है। महंत कमलदास का कहना है कि कुंभ क्षेत्र को सीमित की कुंभ क्षेत्र को सीमित करने की बजाय इसकी व्यापकता को बनाए रखना आगामी आयोजन की सफलता की महत्वपूर्ण शर्त हो सकती है।
कुंभ 2027 की तैयारी ने पकड़ी रफ्तार (Haridwar Kumbh 2027)
मेला 2026 के संपन्न होने के बाद हरिद्वार में कुंभ मेला 2027 की तैयारी ने रफ्तार पकड़ ली है। हाल ही में मेला अधिकारी सोनिका ने कनखल, देवपुरा, ऋषिकुल और चांदी चौक सहित कई क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया है। सरकार की ओर से कुंभ से जुड़े बुनियादी ढांचे पर भी बड़ा जोड़ दिया जा रहा है। फरवरी 2026 में रुपए 235.55 करोड़ की लागत से 34 प्रमुख अवसंरचना कार्यों का शिलान्यास किया गया था। अगस्त में घाटों और आस्था पद सहित कुंभ से जुड़े कार्यों के लिए रुपए 98.18 करोड़ की मंजूरी भी दी गई।
वहीं, कुंभ की तैयारियों में आपदा प्रबंधन और सुरक्षित निकासी को भी प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्य सचिव ने हाल ही में सेक्टरवार आपातकालीन निकासी योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
