Haridwar News: 10 नए घाटों का निर्माण और 56 पुराने घाटों की मरम्मत पूरी

हरिद्वार

Haridwar News: कुंभ मेला-2027 को लेकर हरिद्वार में गंगा घाटों के निर्माण और मरम्मत का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में गंगा नहर क्लोजर की अवधि का उपयोग करते हुए घाटों के उन हिस्सों का निर्माण और मरम्मत पूरी कर ली गई है, जिन पर पानी का सामान्य प्रवाह शुरू होने के बाद काम करना संभव नहीं था। निर्धारित समयसीमा के भीतर इन महत्वपूर्ण कार्यों के पूरा होने से कुंभ की तैयारियों को गति मिली है।

दिन-रात चला निर्माण कार्य (Haridwar News)

मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका के निर्देश पर गंगा नहर बंदी के दौरान निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया गया। जलस्तर से नीचे और घाटों के जलमग्न रहने वाले हिस्सों में काम पूरा करने के लिए दिन-रात श्रमिकों और संबंधित विभाग की टीमें जुटी रहीं। निर्माण की गुणवत्ता और तय समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी भी की गई।

सवा तीन किलोमीटर क्षेत्र में बन रहे 10 नए घाट

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल के अनुसार, कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार में लगभग सवा तीन किलोमीटर की लंबाई में 10 नए घाटों का निर्माण कराया जा रहा है। इन घाटों का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। शेष निर्माण कार्य को 30 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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56 पुराने घाटों की जलमग्न हिस्सों की मरम्मत पूरी

नए घाटों के निर्माण के साथ पुराने घाटों को भी दुरुस्त किया जा रहा है। अपर गंगा कैनाल पर स्थित 34 पुराने घाटों और एस्केप चैनल के 22 घाटों के जलमग्न हिस्सों की मरम्मत क्लोजर अवधि में पूरी कर ली गई है। इन हिस्सों पर पानी का प्रवाह शुरू होने से पहले काम पूरा करना तकनीकी रूप से जरूरी था।

अब सौंदर्यीकरण और फिनिशिंग पर रहेगा जोर (Haridwar Kumbh News)

अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल ने बताया कि गंगा नहर बंदी की अवधि 7 नवंबर की रात समाप्त हो रही है। क्लोजर के दौरान किए जाने वाले सभी आवश्यक निर्माण और मरम्मत कार्य निर्धारित समय में पूरे कर लिए गए हैं। अब सामान्य जलप्रवाह शुरू होने के बाद घाटों के जलस्तर से ऊपर के हिस्सों में निर्माण, सौंदर्यीकरण और फिनिशिंग का काम आगे बढ़ाया जाएगा।

विभाग के मुताबिक, शेष कार्यों को भी 30 नवंबर तक गुणवत्ता के साथ पूरा कराने का प्रयास है, ताकि कुंभ-2027 के दौरान हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक घाट उपलब्ध कराए जा सकें।

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