उत्तराखंडहरिद्वार

Uttarakhand: हर की पौड़ी का ₹57 करोड़ का प्रोजेक्ट हरियाणा की कंपनी को मिला

Uttarakhand: उत्तराखंड की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में शामिल हर की पौड़ी के पुनर्विकास (Har-Ki-Pauri Revitalisation) का लगभग ₹57.09 करोड़ (GST सहित) का ठेका हरियाणा की कंपनी M/s R.K. Jain Infra Projects Pvt. Ltd. को दिया गया है। उपलब्ध टेंडर दस्तावेज़ों के अनुसार, कंपनी को 30 मई 2026 से कार्य प्रारंभ करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जबकि परियोजना को 29 नवंबर 2027 तक पूरा करना होगा।

30 मई को मिला कार्य शुरू करने का आदेश (Uttarakhand)

टेंडर से जुड़े उपलब्ध दस्तावेज़ों के अनुसार, 22 मई 2026 को परियोजना का ठेका अंतिम रूप से स्वीकृत किया गया। इसके बाद 30 मई 2026 को “Notice to Proceed with the Work” जारी करते हुए ठेकेदार कंपनी को कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। इसी दस्तावेज़ में 30 मई 2026 को कार्य प्रारंभ करने और 29 नवंबर 2027 तक कार्य पूरा करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

टेंडर प्रक्रिया में तीन कंपनियों ने लिया था हिस्सा

तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन दस्तावेज़ों के अनुसार, इस परियोजना के लिए तीन कंपनियों ने बोली लगाई थी। तकनीकी मूल्यांकन के बाद M/s R.K. Jain Infra Projects Pvt. Ltd. सबसे कम वैध बोलीदाता (L1) रही, जिसके बाद वित्तीय मूल्यांकन समिति ने इसी कंपनी की बोली स्वीकार करने की सिफारिश की।

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परियोजना में होंगे कई निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य (Uttarakhand News)

उपलब्ध BOQ (Bill of Quantities) के अनुसार, परियोजना के तहत बड़े पैमाने पर Red Sandstone Flooring, Makrana Marble, Black Granite, Stainless Steel Railings, कंक्रीट कार्य, स्टील स्ट्रक्चर और अन्य सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं। परियोजना का उद्देश्य हर की पौड़ी क्षेत्र को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और आकर्षक बनाना बताया गया है।

स्थानीय स्तर पर उठने लगे हैं सवाल

परियोजना के दस्तावेज़ सार्वजनिक होने के बाद स्थानीय स्तर (haridwar news) पर यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि जिन स्थानों पर पहले से निर्माण और रेलिंग मौजूद हैं, वहां नए निर्माण या प्रतिस्थापन की आवश्यकता किन तकनीकी कारणों से महसूस की गई। वहीं, कुछ स्थानों पर मकराना मार्बल के प्रस्ताव को लेकर भी लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि इसका उपयोग किन क्षेत्रों में किया जाएगा।

हालांकि, उपलब्ध टेंडर दस्तावेज़ों में इन बदलावों का विस्तृत तकनीकी औचित्य (Technical Justification) या स्थानवार विवरण उपलब्ध नहीं है। ऐसे में परियोजना की Detailed Project Report (DPR) और तकनीकी रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन स्थानों पर किस प्रकार के निर्माण और बदलाव प्रस्तावित हैं।

दस्तावेज़ों में क्या है दर्ज?

उपलब्ध Technical Evaluation, Financial Evaluation, Notice to Proceed (AOC) और BOQ दस्तावेज़ों के अनुसार:

  • परियोजना का ठेका 22 मई 2026 को स्वीकृत किया गया।
  • 30 मई 2026 को कार्य प्रारंभ करने का आदेश जारी हुआ।
  • परियोजना की कुल अनुबंध राशि ₹57.09 करोड़ (GST सहित) है।
  • कार्य पूर्ण करने की अंतिम तिथि 29 नवंबर 2027 निर्धारित की गई है।

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